श्रावणी मेला 2026: देवघर में पर्यटन मंत्री की समीक्षा बैठक; VIP दर्शन पर पूर्ण रोक, तकनीक से होगी निगरानी

श्रावणी मेला 2026: देवघर में पर्यटन मंत्री की समीक्षा बैठक; VIP दर्शन पर पूर्ण रोक, तकनीक से होगी निगरानी

Shravan Mela 2026: Tourism Minister holds review meeting

Shravan Mela 2026: Tourism Minister holds review meeting

देवघर। झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने रविवार को देवघर में श्रावणी मेला की समीक्षा बैठक किया।

बैठक में पर्यटन सचिव मुकेश कुमार के अलावा आयुक्त संताल परगना संजय कुमार और देवघर-दुमका के डीसी-एसपी मुख्य रूप से थे।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि मेला शुरू होने में 90 दिन का समय है। आगामी 31 जुलाई से मेला शुरू हो रहा है। पिछले साल से बेहतर सुविधा श्रद्धालुओं को मिले ऐसी व्यवस्था की तैयारी की जा रही है।

परिसदन सभागार में अधिकारियों संग बैठक में कहा कि देवतुल्य श्रद्धालु सुलभ व सुरक्षित जलार्पण के साथ एक अच्छी अनुभूति प्राप्त कर अपने गंतव्य की ओर रवाना हों।

खिजुरिया के निकट बनने वाला फूटओवर ब्रिज का डिजाइन बन गया है। डीपीआर बनने की प्रक्रिया में है। उपायुक्त से कहा गया है कि कुछ संशोधन की जरूरत हो तो देख लें। अगले साल मेला में यह बन जाएगा।

VIP-VVIP दर्शन पर रोक

बैठक में राजकीय श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा को लेकर वीआईपी, वीवीआईपी दर्शन पूर्ण रूप से बंद रहने की बात कही गयी। ताकि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मेला से पहले पूरा हो देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन

मंत्री ने पदाधिकारियों से कहा कि मेला से पूर्व देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन कार्य पूरा हो जाए। समन्वय के साथ कार्य कर लें।
आगामी राजकीय श्रावणी मेला में विधि व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, अपराध नियंत्रण, वाहनों का पड़ाव स्थल, सुविधाजनक रूटलाइन के साथ साथ यातायात की सुव्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष निर्देश दिया गया।

उन्होंने कहा कि आगंतुक श्रद्धालु बाबा नगरी में सुगम जलार्पण कर एक मधुर स्मृति व बेहतर अनुभूति लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटें।

सुरक्षा के लिहाज से कुछ मसलों को सामने रखा और कहा कि मेला के दौरान बाहर से आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली पर डबल डेकर बनाकर या उस पर अत्यधिक भीड़ लादकर आना बेहद खतरनाक है। यह हादसों का एक प्रमुख कारण है।

ऐसे में अभी से व्यापक प्रचार प्रसार कराने की जरूरत है। मेला के समय प्रवेश द्वारों और मुख्य मार्गों पर पुलिस की विशेष टीमें तैनात रहे। जो ओवरलोडेड और अवैध रूप से संशोधित ट्रॉलियों की निगरानी करेंगी और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

मेला में आधुनिक तकनीकी का होगा उपयोग

बैठक में तय किया गया कि राजकीय श्रावणी मेला के दौरान तकनीकी के क्षेत्र में फेस रिकग्निशन, आधार काउंटर, एआई बेस्ड इन्ट्रीगेटेड मेला कन्ट्रोल रूम, एआई चैट बोर्ड-इन्फॉरमेशन फीडबैक एंड हेल्पलाइन, एआई बेस्ड ट्रैफिक मैनजेमेंट सिस्टम एवं लोकेशन बेस्ड एटेंन्डेंस सिस्टम व डिजिटल पवेलियम का उपयोग किया जायेगा।